हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर काशी पत्रकार संघ ने "डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता की चुनौतियाँ और संभावनाएँ (सोशल मीडिया, फेक न्यूज डिजिटल प्लेटफॉर्म और बदलती पाठक संस्कृति) विषयक संगोष्ठी का किया आयोजन।
वनांचल एक्सप्रेस ब्यूरो
वाराणसी। प्रिंट मीडिया डिजिटल मीडिया के मुकाबले पिछड़ रहा है लेकिन प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता डिजिटल मीडिया से ज्यादा है। डिजिटल मीडिया में फेक न्यूज बड़े पैमाने पर देखने को मिलता है। बाजार ने पत्रकारिता को गिरफ्त में ले लिया है। व्यक्ति की संवेदना खत्म हो रही है जो पत्रकारिता के लिए ठीक नहीं है। पत्रकारिता के लिए पत्रकारों के अंदर संवेदना का होना बहुत ही जरूरी है। संवेदना के बिना पत्रकारिता नहीं हो सकती।




























.jpg)














