अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय संविधान और शास्त्रीय परंपराओं पर शोध प्रस्तुत करेंगे डॉ. अमरनाथ पासवान

मॉरीशस के मोका स्थित महात्मा गांधी संस्थान में 22–23 जनवरी को आयोजित होगा सम्मेलन।

वनांचल एक्सप्रेस ब्यूरो

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय ( बीएचयू ) के सामाजिक विज्ञान संकाय के सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र के सह-आचार्य डॉ. अमरनाथ पासवान आगामी 22-23 जनवरी को मॉरीशस के मोका स्थित महात्मा गांधी संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय संविधान और शास्त्रीय परंपराएँ: धर्म, नीति और न्याय की भारतीय अवधारणाओं का तुलनात्मक अध्ययन” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन को आयोजित करने वाली संस्था मेडा आयुर-योग पीठा ने “JÑĂNA-SETU 2026: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन” में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए डॉ. अमरनाथ पासवान को आमंत्रित किया है।

डॉ. पासवान की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आयोजक संस्था ने उन्हें सम्मेलन के एक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में भी आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि उनका शोध भारतीय संविधान को भारतीय दार्शनिक, नैतिक एवं शास्त्रीय परंपराओं के व्यापक संदर्भ में समझने का एक महत्वपूर्ण अकादमिक प्रयास है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय “21वीं सदी के लिए ज्ञान प्रतिमानों के पुनर्परिभाषण की दिशा में शास्त्र और व्यवहार के माध्यम से अंतर्विषयक समन्वय” है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के विद्वान, शोधकर्ता एवं शिक्षाविद् भाग लेंगे।

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