गुरुवार, 12 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश में आदिवासियों के लिए स्वीकृत 4 में से 3 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का ही हो रहा संचालन

झारखंड में स्वीकृत 91 में से 51 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का हो रहा संचालन, 40 निर्माणाधीन। केंद्र सरकार का दावा- देश में संचालित हो रहे 499 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय।
वनांचल एक्सप्रेस ब्यूरो

नई दिल्ली। देश में आदिवासियों (अनुसूचित जनजाति वर्ग) के बच्चों को विद्यालय स्तर पर आवासीय शिक्षा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) के संचालन की गति धीमी पड़ गई है। उत्तर प्रदेश में स्वीकृत चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में से केवल तीन का ही संचालन हो रहा है। शेष एक का निर्माण कब शुरू होगा, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बुधवार को राज्यसभा में इसकी जानकारी दी। वह राज्यसभा सांसद रायगाकृष्णैया, उज्ज्वल देवराव निकम और मनन कुमार मिश्रा द्वारा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। उनके द्वारा राज्य सभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में केंद्र सरकार ने कुल 91 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के संचालन की स्वीकृति प्रदान की है लेकिन उनमें से केवल 51 का ही संचालन अभी हो रहा है। शेष 40 अभी निर्माणाधीन हैं।

उन्होंने बताया कि बीती 6 मार्च तक देश में कुल 499 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है जिनमें 1,56,564 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति' ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कर्मचारी चयन परीक्षा (ESSE)-2023 के माध्यम से 10,391 पदों पर सीधी भर्ती कर रहा है। इसके माध्यम से चयनित कर्मचारियों को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में तैनात किया गया है। शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य समितियों द्वारा रिक्तियों के अनुरूप अतिथि शिक्षकों की भी नियुक्ति की जाती है।

उन्होंने आगे बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जनजाति आबादी और कम से कम 20 हजार आदिवासी व्यक्तियों वाले प्रत्येक प्रखंड में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) स्थापित करने का प्रावधान है। सभी नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय 15 एकड़ क्षेत्र में फैले हुए हैं और इनमें छठी से बारहवीं कक्षा तक 480 विद्यार्थियों की क्षमता है।

उन्होंने एकलब्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की विशेषता बताते हुए कहा कि ये विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। इनमें लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास, एकीकृत भोजन और रसोई सुविधाएं, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए आवास, आधुनिक शिक्षण उपकरणों से सुसज्जित कक्षाएं, विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, विविध शिक्षण संसाधनों से युक्त पुस्तकालय, खेल के मैदान और खेल उपकरण, स्थानीय कला और संस्कृति संरक्षित रखने के लिए संगीत, कला और खेल जैसी पाठ्येतर गतिविधियों की सुविधाएं, इंटरनेट युक्त कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, रोजगार क्षमता बढ़ाने संबंधी कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम इत्‍यादि शामिल हैं। एकलव्य मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल (EMDBS) का 29 अप्रैल, 2022 से EMRS में विलय कर दिया गया है।

राज्यों की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान, EMRS के छात्रों की 10वीं कक्षा में उत्तीर्णता 89 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में 85 प्रतिशत रही। इसके अलावा, 129 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों ने 10वीं कक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किए और 72 स्कूलों में 12वीं कक्षा में शत-प्रतिशत नतीजे रहे। इसी वर्ष, 219 ईएमआरएस छात्रों ने आईआईटी-जेईई (मुख्य) परीक्षा, 34 छात्रों ने आईआईटी-जेईई (एडवांस) परीक्षा और 344 छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-नीट उत्तीर्ण की, जो सकारात्मक शिक्षण परिणामों को दर्शाता है।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) में खेल प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए, संबंधित EMRS राज्यों द्वारा राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के अलावा राष्ट्रीय जनजातीय विद्यार्थी शिक्षा समिति राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता आयोजित करती है। चौथी राष्ट्रीय ईएमआरएस खेल प्रतियोगिता 11 से 15 नवंबर 2025 तक राउरकेला, सुंदरगढ़ और राजगांगपुर, ओडिशा में आयोजित हुई। इनमें 21 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लगभग 5,500 आदिवासी छात्रों ने 22 व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में भाग लिया, जिसमें लड़कियों और लड़कों की भागीदारी लगभग बराबर रही।

इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की संकल्प परियोजना के तहत, 200 विद्यालय परिसरों में 400 कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जो रोबोटिक्स, डिजिटल फैब्रिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं।

राज्यवार/केंद्र शासित प्रदेशवार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) की स्थिति का विवरण:

क्रम संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

कुल स्वीकृत ईएमआरएस

कार्यात्मक ईएमआरएस

निर्माणाधीन

1

आंध्र प्रदेश

28

28

5

2

अरुणाचल प्रदेश

10

5

3

3

असम

17

6

10

4

बिहार

3

2

1

5

छत्तीसगढ

75

75

40

6

दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव

1

1

1

7

गुजरात

47

44

20

8

हिमाचल प्रदेश

4

4

3

9

जम्मू-कश्मीर

6

6

4

10

झारखंड

91

51

40

11

कर्नाटक

12

12

0

12

केरल

4

4

2

13

लद्दाख

3

3

14

मध्य प्रदेश

71

63

20

15

महाराष्ट्र

39

37

19

16

मणिपुर

21

5

16

17

मेघालय

37

2

35

18

मिजोरम

17

11

8

19

नगालैंड

22

3

19

20

ओडिशा

111

47

57

21

राजस्थान

31

31

0

22

सिक्किम

4

4

0

23

तमिलनाडु

8

8

1

24

तेलंगाना

23

23

1

25

त्रिपुरा

21

12

11

26

उत्‍तर प्रदेश

4

3

0

27

उत्तराखंड

4

4

2

28

पश्चिम बंगाल

9

8

2

कुल

723

499

323


 

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