रविवार, 24 जनवरी 2021

कुल्हड़ देने से मना करने पर थानेदार ने कुम्हार को पीटा! फिर किया चालान

भट्टी गांव निवासी शत्रुघन प्रजापति ने लोहता थाना प्रभारी पर लगाया आरोप। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार। 

वनांचल एक्सप्रेस ब्यूरो

वाराणसी। थाने में कुल्हड़ देने से मना करने पर लोहता थानेदार और पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को एक कुम्हार की जमकर पिटाई कर दी। पीड़ित कुम्हार का आरोप है कि पुलिस ने रात भर उसे थाने में बैठाए रखा और पीटा। फिर अगले दिन पुलिस ने उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। पुलिस हिरासत से छूटने के बाद पीड़ित कुम्हार ने रविवार की सुबह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को फोन कर अपनी आप बीती सुनाई और उनसे न्याय की गुहाई लगाई। वहीं शाम को लोहता थाने की पुलिस पीड़ित के घर धमक पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो पुलिस ने परिजनों को धमकाया और मामले में आगे कोई भी कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी। पुलिस की धमकी से पीड़ित और उसका परिवार इतना डर गए हैं कि अब वे मीडिया से भी बात करने से कतरा रहे हैं।

मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोहता बाजार का है। लोहता थाना क्षेत्र के भट्टी गांव निवासी कुम्हार शत्रुघन प्रजापति उर्फ राजू की बातों की मानें तो वह गत शुक्रवार को पुरवा (कुल्हड़) बेचने लोहता बाजार गया था। सब्जी मंडी के पास स्थानीय थानेदार के वाहन चालक ने उससे थाने में पुरवा पहुंचाने के लिए कहा तो उसने पुरवा देने से मना कर दिया। उसका कहना है कि उसने पूर्व थानेदार राकेश सिंह को पांच सौ पुरवा दिया था जिसका पैसा उसे आज तक नहीं मिला है। उसका कहना है कि स्थानीय थाने का वाहन चालक तीन चार पुलिसकर्मियों के साथ उसके पास वापस आए।


शत्रुघन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उसे मारते हुए लोहता थाना ले गए। वहां थानेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने जमकर उसे मारा-पीटा। इसकी वजह से उसके सिर में चोट भी आई है। उसका कहना है कि पुलिसवाले थाने में उसे रात भर बैठाए रखे। अगले दिन करीब दो बजे उन्होंने शांति भंग में उसका चालान कर दिया। शनिवार की शाम करीब 5 बजे वह पुलिस की हिरासत से रिहा हुआ।

पीड़ित शत्रुघन ने रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक को फोन कर आप बीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित शत्रुघन को मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं, मामले की जानकारी होने पर प्रजापति शोषित समाज संघर्ष समिति (पीएस4) प्रमुख छेदीलाल निराला रविवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। 

पीड़ित शत्रुघन प्रजापति के पिता से बात करते पीएस4 प्रमुख छेदीलाल निराला

इसकी जानकारी होते ही लोहता थाना की पुलिस भी शाम को पीड़ित के घर मय फोर्स धमक पड़ी। इससे वहां मौजूद लोग भयभीत हो उठे। मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो पुलिस पीड़ित शत्रुघन और उसके परिवार वालों पर आगे कोई भी कार्रवाई नहीं करने का दबाव बना रही थी। इससे भयभीत पीड़ित शत्रुघन और उसके परिवार वाले मीडिया से बात करने से भी कतरा रहे हैं। 

शत्रुघन के आरोपों के संदर्भ में जब 'वनांचल एक्सप्रेस' ने लोहता थाना प्रभारी विश्वनाथ प्रताप सिंह से मोबाईल फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि गत 22 जनवरी को पुलिसकर्मी मास्क की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान शत्रुघन  प्रजापति बिना मास्क के मिला तो उनका मौके पर ही चालान कर दिया गया। इसके बाद वह अपशब्दों का इस्तेमाल कर हंगामा करने लगा। फिर उसी दिन शांति भंग में उनका चालान कर दिया गया। थाना प्रभारी ने दावा किया कि उनके पास दोनों चालान मौजूद हैं। वनांचल एक्सप्रेस ने जब उनसे चालान की प्रति व्हाट्सअप करने की बात कही तो वह उसे भेजने से इंकार कर दिए। आरोपी थाना प्रभारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने दावा किया कि शत्रुघन प्रजापति का मेडिकल भी कराया गया है जिसमें उनके शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट का निशान नहीं है।  

वहीं 'वनांचल एक्सप्रेस' ने पीड़ित शत्रुघन प्रजापति को उनके मोबाईल फोन पर फोन कर मामले के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की तो उनका फोन नॉट रिचेबल बता रहा था। व्हाट्सअप पर मैसेज करने पर शत्रुघन प्रजापति ने 'वनांचल एक्सप्रेस' को व्हाट्सअप कॉल कर आधे घंटे में बात करने की बात कही लेकिन खबर लिखे जाने तक शत्रुघन प्रजापति का काल नहीं आया जिससे वर्तमान हालात की जानकारी नहीं हो पाई है। 'वनांचल एक्सप्रेस' को एक वीडियो मिला है जिसमें पुलिसकर्मी परिजनों से साफ कह रहे हैं कि शत्रुघन प्रजापति उर्फ राजू अब कहीं और नहीं जाए। नीचे आप वह वीडियो देख सकते हैं-


 

1 टिप्पणी:

Thank you for comment