मंगलवार, 2 मार्च 2021

BHU: आवेदन शुल्क में बढ़ोत्तरी को लेकर गरमाई छात्र राजनीति, छात्रों ने बढ़े शुल्क को वापस लेने के लिए दिया ज्ञापन

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) ने अपने अधीन स्कूलों और शोध पाठ्यक्रमों के आवेदन शुल्क में 33 फीसदी से लेकर 78 फीसदी तक की है बढ़ोत्तरी। वनांचल एक्सप्रेस ने सोमवार की सुबह प्रकाशित की थी खबर। 

वनांचल एक्सप्रेस ब्यूरो

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अधीन स्कूलों और शोध पाठ्यक्रमों के आवेदन शुल्क में हुई बढ़ोत्तरी को लेकर विश्वविद्यालय परिसर की छात्र राजनीति गरमा गई है। शोध छात्र भुवाल यादव की अगुआई में दर्जनों छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर बढ़े शुल्क को वापस लेने और शोध पाठ्यक्रमों में आवेदकों से ली गई बढ़ी हुई धनराशि संबंधित बैंक उकाउंट में वापस करने की मांग की। छात्रों ने शोधार्थियों के फेलोशिप की धनराशि को उनके बैंक खाते में बिल जमा होने के बाद जल्द से जल्द भेजने की भी मांग की। छात्रों का आरोप था कि अनुभाग में फेलोशिप बिल जमा होने के 15 दिनों बाद तक भी फेलोशिप की धनराशि उनके खाते में ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। साथ ही छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन बढ़ी हुए आवेदन शुल्क को वापस नहीं लेता है तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। 

कुलपति की अनुपस्थित में कुल सचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी को सौंपे ज्ञापन में छात्रों ने लिखा है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने पीएचडी और एमफिल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली शोध प्रवेश परीक्षा (RET) के आवेदन शुल्क को 33 प्रतिशत, बीएचयू से संबंधित नर्सरी और एलकेजी के आवेदन शुल्क को 78 प्रतिशत और कक्षा-6,9 और 11 में प्रवेश के लिए होने वाली विद्यालयी प्रवेश परीक्षा (SET) के आवेदन शुल्क को 50 प्रतिशत बढ़ा दिया है। आंतरिक खबर यह भी है कि विश्वविद्यालय के यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा के आवेदन शुल्कों में भी 60 प्रतिशत और संबंधित स्कूलों के शिक्षण शुल्क में तीन-चार गुना बढ़ोतरी हुई है जो समयानुसार वसूला जाएगा। 

BHU ने SET और RET के आवेदन शुल्कों में की 50 और 33 फीसदी की बढ़ोत्तरी, नर्सरी और LKG में 78 फीसदी से ज्यादा की वसूली

ज्ञापन में लिखा है कि यह बढ़ोतरी आपदा के उस समय में किया गया या किया जा रहा है, जब गांव-देहात सहित तमाम शहरों में रहने वाले बच्चों के अभिभावक बेरोजगारी के शिकार हो गये हैं। उनका बना-बनाया धंधा कोविड-19 महामारी के कारण बर्बाद हो चुका है। लाखों मजदूरों को उनकी कंपनियां बंद होने की वजह से रोटी के लाले पड़े हैं। किसानों के फसलों का मूल्य सालों-साल बकाया पड़ा हुआ है। किसान अपने खेती-बाड़ी को बचाने की लड़ाई को लेकर तीन महीनों से दिल्ली में संघर्षरत हैं। मंहगाई की मार से कोई बचा नहीं है। ऐसी परिस्थिति में आपदा को अवसर में तब्दील करने की जरूरत नहीं थी।

छात्रों ने ज्ञापन में कुलपति से मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों पर रहम करते हुए शुल्क-वृद्धि के फैसले को वापस ले क्योंकि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का निर्माण यही सोच कर हुआ था कि पढ़ने वालों को कम से कम खर्च में उचित शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधाएं मिलें, न कि 'विश्वविद्यालय को पैसा पैदा करने वाला पेड़' बनाया जाए, जैसा कि आप सोचते हैं। साथ ही छात्रों ने कुलपति को चेतावनी दी है कि यदि आप अपने फैसले पर अडिग रहेंगे तो हम सभी आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे और उस आन्दोलन की पूरी जिम्मेदारी बीएचयू प्रशासन और सरकार की होगी। छात्रों ने शैक्षिक सत्र 2013-14 में हुई शुल्क वृद्धि पर विश्वविद्यालय में हुए आंदोलन का जिक्र भी अपने ज्ञापन में किया है।

बता दें कि वनांचल एक्सप्रेस ने सोमवार की सुबह अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म www.vananchalexpress.com पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अधीन स्कूलों और शोध पाठ्यक्रमों के आवेदन शुल्कों में 33-78 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी होने की खबर प्रकाशित की थी। दोपहर में करीब 12 बजे शोधार्थी और छात्र नेता भुवाल यादव की अगुआई में छात्र केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर कुलपति की अनुपस्थिति में कुल सचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपे। कुल सचिव ने जल्द ही उनके मांगों पर अमल करने का भरोसा छात्रों को दिलाया। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समय निर्धारित नहीं की। 

ज्ञापन देने वाले छात्रों में प्रमुख रूप से भुवाल यादव, प्रवीण यादव, संजय प्रजापति, रामी, अजय यादव, विवेक कुमार, चंदन सागर, रवि सिंह, विशाल कुमार, धीरज कुमार, कमलेश कुमार, विकास सिंह मौर्य, विनीत यादव, अशोक कुमार, मानस यादव, योगेश कुमार, अखिलानंद यादव, सुबेदार प्रसाद यादव, पंकज कुमार, सतीश कुमार पटेल, बृजेश पाल, विकास, चंद्रकांत प्रजापति, अनिल कुमार पाल, राज कुमार, अनुराग सिंह यादव, नित्यानंद, राजीव कुमार भारती, चित्रांश गुप्ता, नीतीश सिंह, कपिल देव, अमित द्विवेदी, आदि शामिल थे। 




  

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