मीट-मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने के खिलाफ दुकानदारों ने किया प्रदर्शन

बनारस नागरिक समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में लोगों ने वाराणसी नगर निगम से निर्णय वापस लेने की मांग की..
वनांचल एक्सप्रेस ब्यूरो

वाराणसी। शहर के अंदर संचालित मीट-मछली की दुकानों को शहर से बार करने के वाराणसी नगर निगम के निर्णय के खिलाफ बनारस नागरिक समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने आज सिगरा स्थित नगर निगम भवन में विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने वाराणसी नगर निगम से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। इस दौरान उन्होंने आठ सूत्री मांगों का एक ज्ञापन नगर आयुक्त को सौंपा जिसमें मीट-मछली मंडियों और दुकानों को नियमित करने की मांग की।

प्रदर्शनकारी आज सुबह करीब 11 बजे सिगरा पेट्रोल पंप के पास इकट्ठा हुए और वहां से सैकड़ों की संख्या में नगर निगम कार्यालय की ओर मार्च किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं मानें। वे नगर निगम भवन में जमकर विरोध-प्रदर्शन किए। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वाराणसी नगर निगम का निर्णय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। यह व्यापार नहीं, बल्कि हमारे परिवार और बच्चों के भविष्य पर वार है।



विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से कम्यूनिस्ट फ्रंट के मनीष शर्मा, मनीष शर्मा, धनंजय त्रिपाठी, कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह, पीएस4 अध्यक्ष छेदी लाल निराला, राम जनम यादव, सपा जिलाध्यक्ष लक्कड़ यादव, भाकपा माले वीके सिंह, नंदलाल मास्टर, शाहरुख, मोमिन, मोहम्मद शाहिद, मीरा, इंदु, आदि मौजूद रहे।



बता दें कि वाराणसी नगर निगम ने पिछले दिनों बनारस शहर की स्वच्छता और धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए शहर के अंदर चल रही सभी मांस, मीट और मछली की दुकानों को शहरी सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। इसके तहत निगम शहर की करीब 400 दुकानों को चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्थापित करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो निगम राम नगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में इन दुकानों को स्थानांतरित करने पर कार्य कर रहा है। 

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगेंः

(1) नगर निगम वाराणसी द्वारा मीट-मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने का एकतरफा निर्णय तुरंत वापस लिया जाए।

(2) विश्वनाथ के बाजार सहित शहर के भीतर पहले से संचालित मीट-मछली मंडियों और दुकानों को नियमित (रेगुलराइज) किया जाए।

(3) मीट-मछली विक्रेताओं को संवैधानिक मान्यता और आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाए तथा उनकी दुकानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

(4) दुकानों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के वैज्ञानिक मानकों के अनुसार बिजली, पानी, समुचित कचरा प्रबंधन और शौचालय (कैंप टॉयलेट) की व्यवस्था की जाए।

(5) दुकानों में ग्रीन नेट, शेड, फ्लाई कैचर तथा स्वच्छ भंडारण और पैकिंग की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

(6) मीट-मछली विक्रेताओं को स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनिमय) अधिनियम-2014 के तहत संरक्षण प्रदान किया जाए।

(7) वाराणसी नगर निगम शहरी क्षेत्र के भीतर पहले से संचालित मंडियों के विकास में निवेश करे और वहां कार्यरत विक्रेताओं को पक्की दुकानों का आबंटन करे।

(8) नागरिकों के अपनी पसंद के भोजन, आजीविका और व्यापार के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा किसी एक वर्ग की भावनाओं के आधार पर प्रतिबंधात्मक निर्णय न लिया जाए।   

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