उत्तर प्रदेश में 6400 से ज्यादा संचालित हो रहे निजी महाविद्यालय। राजकीय महाविद्यालयों की संख्या महज 217। वित्तपोषित महाविद्यालय की संख्या भी महज 323।
वनांचल
एक्सप्रेस ब्यूरो
लखनऊ/उत्तर
प्रदेश। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था जल्द ही निजी हाथों की जागीर बन
जाएगी। राज्य में सरकारी इमदाद से चलने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के मुकाबले
निजी शिक्षण संस्थानों की संख्या 13 गुणा ज्यादा हो गई है। अगर उत्तर प्रदेश में
उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले महाविद्यालयों की बात करें तो राज्य में 6400 के करीब निजी महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं जबकि सरकारी इमदाद से
संचालित होने वाले कुल महाविद्यालयों की संख्या महज 540 है।
इनमें 323 महाविद्यालय राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं।
राजकीय महाविद्यालयों की संख्या महज 217 है।
CEIC DATA के अनुसार 2021 तक उत्तर प्रदेश में कुल 6360 निजी महाविद्यालय थे। अगर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) की
अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कुल 2400 निजी महाविद्यालय यूजीसी अधिनियम की धारा-2 (एफ) और
12(बी) के तहत सूचीबद्ध हैं। इनमें 1733 महाविद्यालय यूजीसी अधिनियम की धारा-2 (एफ) और 12(बी) के तहत सूचीबद्ध हैं जबकि 667 महाविद्यालय
यूजीसी अधिनियम की धारा-2(एफ) के तहत सूचीबद्ध हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी एक्ट, 1956 की धारा-2(एफ) के तहत सूचीबद्ध महाविद्यालयों को वित्तीय सहायता मुहैया कराता है। वहीं, वह यूजीसी एक्ट, 1956 की धारा-2(एफ) और 12(बी) के तहत सूचीबद्ध उच्च शिक्षण संस्थानों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के साथ-साथ केंद्रीय सहायता (यूजीसी ग्रांट) प्राप्त करने के लिए उनकी प्रात्रता सुनिश्चित भी करता है।
वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से सम्बद्ध महाविद्यालयों की बात करें तो 31 अक्टूबर 2025 तक विश्वविद्यालय से कुल 242 महाविद्यालय सम्बद्ध थे। इनमें 140 महाविद्यालय वाराणसी में थे जबकि 102 महाविद्यालय चंदौली जिले में थे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग में सूचीबद्ध निजी महाविद्यालयों (स्ववित्तपोषित अनानुदानित महाविद्यालय) की बात करें तो वाराणसी में 33 महाविद्यालय इस सूची में शामिल हैं। इनमें 29 महाविद्यालय यूजीसी एक्ट, 1956 की धारा- 2(एफ) और 12 (बी) के तहत पंजीकृत हैं जबकि चार महाविद्यालय केवल यूजीसी एक्ट की धारा-2(एफ) के तहत पंजीकृत हैं। केवल धारा-2(एफ) के तहत पंजीकृत महाविद्यालयों में चौबेपुर खुर्द के मुंडेरी स्थित अभय कॉलेज ऑफ कॉमर्स ऐंड एजुकेशन, पचरांव स्थित पंडित रमाशंकर मिश्र महाविद्यालय, मकसुदनपट्टी स्थित श्री डी.आर. महिला महाविद्यालय और कैथी क्षेत्र स्थित श्री कृष्ण सुदामा संस्थान का नाम शामिल है। यूजीसी की वेबसाइट पर श्रीकृष्ण सुदामा संस्थान लखनऊ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है।
यूजीसी एक्ट
की धारा-2(एफ) और 12 (बी) के तहत सूचीबद्ध होने वाले
महाविद्यालयों में सोनभद्र के 8 महाविद्यालय, मिर्जापुर के 25 महाविद्यालय, चंदौली
के 19 महाविद्यालय, जौनपुर के 66 महाविद्यालय और गाजीपुर के 91 महाविद्यालय भी शामिल
हैं।
उत्तर प्रदेश
में 25 राज्य विश्वविद्यालय, 52 निजी विश्वविद्यालय,
10 समविश्वविद्यालय और 5 केंद्रीय
विश्वविद्यालय हैं। उत्तर प्रदेश में पत्राचार माध्यम से पढ़ाई के लिए उत्तर
प्रदेश राजर्शी टंडन मुक्त विश्वविद्यालय भी है। राज्य सरकार ने इसे 1999 में स्थापित किया था।
विश्वविद्यालय
अनुदान आयोग ( यूजीसी) की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश के 27
राज्यों में 14725 महाविद्यालय यूजीसी अधिनियम,
1956 के तहत पंजीकृत हैं। इसमें 1740 स्वायत्तशासी
महाविद्यालय हैं जो 153 विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध हैं।
यूजीसी अधिनियम की धारा-2(एफ) और 12 (बी)
के तहत 10507 महाविद्यालय हैं। इनके अलावा 4215 महाविद्यालय हैं जो केवल यूजीसी अधिनियम की धारा-2(एफ)
के तहत पंजीकृत हैं। तीन ऐसे महाविद्यालय
हैं जो 2(एफ)/12(बी) के तहत पंजीकृत
हैं। ऐसे महाविद्यालयों में तमिलनाडु के चेन्नई स्थित अन्ना विश्वविद्यालय से
सम्बद्ध जया इंजीनियरिंग कॉलेज और माधा इंजीनियरिंग कॉलेज तथा राजामहेंद्रवरम
स्थित आदिकवि नन्नाया विश्वविद्यालय से सम्बद्ध विद्यावर्धिनीज कॉलेज ऑफ
इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी का नाम शामिल है। अगर अनानुदानित्त स्ववित्तपोषित
महाविद्यालयों (निजी महाविद्यालय) की बात करें तो यूजीसी में सूचीबद्ध 14725
महाविद्यालयों में से 5141 महाविद्यालय इस
श्रेणी में आते हैं जिनमें 2400 महाविद्यालय अकेले उत्तर
प्रदेश में हैं। यूजीसी के अनुसार उत्तर प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की
संख्या भी बढ़कर 52 हो गई है जबकि राज्य विश्वविद्यालयों की
संख्या महज 43 है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश
के अधीन राज्य विश्वविद्यालयों की संख्या 25 ही है।

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